UN General Debate 2026: न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र की हाई-लेवल जनरल डिबेट आज, 22 सितंबर से शुरू हो रही है। दुनिया के अलग-अलग देशों के राष्ट्राध्यक्ष, सरकार प्रमुख और वरिष्ठ प्रतिनिधि इस दौरान वैश्विक मुद्दों पर अपने देशों का पक्ष रखेंगे। इस साल की जनरल डिबेट 22 से 26 सितंबर और फिर 28 सितंबर को होगी। ट्रंप-पजशकियान मुलाकात पर नजर इस बार UN का मंच खास तौर पर इसलिए अहम है क्योंकि पश्चिम एशिया का संकट और अमेरिका-ईरान तनाव अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के केंद्र में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान से मुलाकात की संभावना को लेकर खुलापन दिखाया है। दोनों नेताओं के एक ही समय न्यूयॉर्क में होने से संभावित बातचीत पर दुनिया की नजर बनी हुई है। हालांकि, मुलाकात होना अभी निश्चित नहीं है। पहले ब्राजील फिर अमेरिका जनरल डिबेट की शुरुआत ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के संबोधन से होने की परंपरा रही है। इसके बाद मेजबान देश अमेरिका के राष्ट्रपति का भाषण होता है। ब्राजील के पहले बोलने की परंपरा UN के शुरुआती वर्षों से चली आ रही है, जबकि अमेरिका को मेजबान देश होने के कारण इसके बाद बोलने का अवसर मिलता है। इस मंच पर देशों के नेता युद्ध, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन, विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर अपनी प्राथमिकताएं सामने रखते हैं। UN के मुताबिक इस साल की हाई-लेवल वीक की थीम “Restoring trust, managing transformation: a United Nations that delivers for all” है। भारत की ओर से जयशंकर रखेंगे बात भारत का प्रतिनिधिमंडल इस बार विदेश मंत्री एस. जयशंकर के नेतृत्व में UN पहुंचेगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार जयशंकर 26 सितंबर को जनरल डिबेट को संबोधित करेंगे। भारत के लिए आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग, पश्चिम एशिया में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, ऊर्जा और तेल आपूर्ति, ग्लोबल साउथ की चिंताएं तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण रहे हैं। UN General Debate आखिर है क्या? जनरल डिबेट वह वार्षिक मंच है जहां UN सदस्य देशों के शीर्ष नेता या उनके वरिष्ठ प्रतिनिधि महासभा को संबोधित करते हैं। यहां आमने-सामने बहस नहीं होती, बल्कि हर देश को अपने विचार और प्राथमिकताएं दुनिया के सामने रखने का अवसर मिलता है। इसके अलावा हाई-लेवल वीक के दौरान नेताओं के बीच अलग-अलग द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकें भी होती हैं। UN महासभा में 193 सदस्य देश हैं और महासभा में प्रत्येक सदस्य देश का एक वोट होता है। संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों में महासभा, सुरक्षा परिषद, आर्थिक एवं सामाजिक परिषद, अंतरराष्ट्रीय न्यायालय, सचिवालय और न्यास परिषद शामिल हैं। इस बार किन मुद्दों पर रहेगी नजर? जनरल डिबेट के दौरान युद्ध और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन, विकास, ऊर्जा, वैश्विक अर्थव्यवस्था और UN में सुधार जैसे मुद्दे चर्चा में रहेंगे। UN ने हाई-लेवल वीक के दौरान जलवायु कार्रवाई, समुद्र के बढ़ते जलस्तर और महामारी से निपटने जैसे विषयों पर भी विशेष बैठकें तय की हैं। सबसे बड़ा सवाल अमेरिका-ईरान तनाव और संभावित ट्रंप-पजशकियान संपर्क को लेकर है। अगर दोनों नेताओं के बीच बातचीत होती है, तो यह जनरल डिबेट के दौरान होने वाली सबसे अहम कूटनीतिक गतिविधियों में से एक होगी। फिलहाल दोनों देशों के बीच किसी औपचारिक बैठक की पुष्टि नहीं हुई है। ये भी पढ़ें: उड़ान के बीच भिड़े दो यात्री, लंदन-ढाका फ्लाइट में जमकर मारपीट, वीडियो वायरल